सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर रोटला में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के साथ “मेरे सपनों का भारत” विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, विचारों और कल्पनाओं के माध्यम से विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की अपनी परिकल्पना प्रस्तुत की।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने छात्राओं द्वारा बनाई गई चित्रकला का अवलोकन किया तथा भाषण प्रतियोगिता में व्यक्त विचारों को सुना। उन्होंने कहा कि छात्राओं की चित्रकला एवं भाषणों को देखकर यह स्पष्ट होता है कि जिले की बेटियां भारत के सुनहरे भविष्य का सपना देख रही हैं। छात्राओं ने अपने सपनों के भारत में गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कृति आधारित शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुशासन, आत्मनिर्भरता, डिजिटल सशक्तिकरण तथा आर्थिक मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्थान दिया है। उनके विचार यह विश्वास दिलाते हैं कि देश का भविष्य जागरूक एवं प्रतिभाशाली युवाओं के हाथों में है।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि भारत तभी विकसित राष्ट्र बन सकेगा, जब युवा, नारी, गरीब और किसान सहित समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। शिक्षा व्यवस्था गुणवत्तापूर्ण होने के साथ हमारी संस्कृति एवं मूल्यों से जुड़ी हो, स्वास्थ्य सुविधाएं ऐसी हों कि माता एवं शिशु को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिले तथा प्रत्येक परिवार स्वस्थ एवं सशक्त बने। इसी प्रकार प्रशासन में सुशासन के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान हो और देश प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।

उन्होंने छात्राओं को अपने भविष्य के प्रति लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है, उन्हें पूरा करने के लिए योजनाबद्ध तैयारी और निरंतर प्रयास भी आवश्यक हैं। अपने भीतर कुछ करने का जज्बा हमेशा बनाए रखें। स्वयं को समय दें और अपनी क्षमताओं एवं कमजोरियों का गहन अध्ययन करें। अपनी क्षमताओं को और बेहतर बनाएं तथा कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास करें।

हर प्रतिभा में मौजूद हैं करियर की संभावनाएं

डिप्टी कलेक्टर श्री महेश बड़ोले ने करियर काउंसलिंग के दौरान छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि करियर की संभावनाएं केवल कुछ परंपरागत क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं। हमारे आसपास दिखाई देने वाली प्रत्येक गतिविधि एवं क्षेत्र में करियर की संभावनाएं मौजूद हैं। भौतिक रूप से दिखाई देने वाली विभिन्न संरचनाओं के पीछे इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र हैं, वहीं चित्रकला एवं भाषण जैसी रचनात्मक विधाएं भी बेहतर करियर का माध्यम बन सकती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अलग-अलग गुण और प्रतिभाएं होती हैं। आवश्यकता इस बात की है कि विद्यार्थी अपनी रुचि एवं क्षमता को पहचानें और उसी के अनुरूप आगे बढ़ने की तैयारी करें। विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने में विद्यालयों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर प्रदान करती हैं।

“मेरे सपनों का भारत” की छात्राओं ने दिखाई तस्वीर

कार्यक्रम के दौरान “मेरे सपनों का भारत” विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में छात्राओं द्वारा तैयार चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। कलेक्टर डॉ. भरसट सहित उपस्थित अधिकारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्राओं की कल्पनाशीलता एवं रचनात्मकता की सराहना की। भाषण प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने विकसित, शिक्षित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर, डिजिटल एवं सुशासित भारत के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा योग का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया। छात्राओं ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन कर स्वस्थ जीवन में योग के महत्व का संदेश दिया। उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने योग प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान “मेरे सपनों का भारत” विषय पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं समूहों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

निबंध प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में शासकीय माध्यमिक विद्यालय अंतरवेलिया के कक्षा 8वीं के कमलेश भूरिया ने प्रथम, शासकीय कन्या हाई स्कूल पीथनपुर की कक्षा 8वीं की सोनू गामड़ ने द्वितीय तथा माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर रामा की कक्षा 7वीं की भारती सोयडा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में शासकीय हाई स्कूल भगोर की भूमिका बघेल ने प्रथम, सांदीपनी विद्यालय झाबुआ की कक्षा 11वीं की कु. कनिष्का पंवार ने द्वितीय तथा शासकीय हाई स्कूल मातासुला डांगी रामा की कक्षा 10वीं की कु. मायावती सोलंकी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

चित्रकला प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में पीएम श्री थांदला की कु. निशा कुशवाह ने प्रथम, मेघनगर की आरती भूरिया ने द्वितीय तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामा की कु. दुर्गा पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में कु. हर्षिता जैन ने प्रथम, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पारा के गुलरेज खान ने द्वितीय तथा बुनियादी हाई स्कूल झाबुआ की कु. सिद्रा सादिक शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

भाषण प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में संस्कार पब्लिक स्कूल थांदला की कु. इशिया ओनअली ने प्रथम, शासकीय माध्यमिक विद्यालय वन कन्या आश्रम नौगांवा मेघनगर की राधिका खड़िया ने द्वितीय तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेघनगर की डिम्पल बसोड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में कु. अनवेशा ने प्रथम, कु. पुष्पा बामनिया ने द्वितीय तथा कु. काव्या राठौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसी प्रकार नाटक मंचन प्रतियोगिता में थांदला कन्या अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के समूह ने प्रथम तथा रामा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरडू बड़ी के समूह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने विजेता विद्यार्थियों एवं समूहों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री मोनिका बघेल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।