सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एनएसएस के स्वयं सेवकों ने चलाया…
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी में 30 सितंबर 2026 को शासन के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य एवं डॉ. मधुसूदन चौबे (नोडल सेवा संकल्प अभियान ) के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “स्वच्छता ही…
उक्त कि साफ-सफाई कर सरोवर को प्रदूषण मुक्त कर स्वच्छ भारत सशक्त भारत का संदेश दिया।
उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने ग्राम पंचायत बड़गांव के गार्डन में उगी हुई गाजर घास को उखाड़ कर श्रमदान से गार्डन को साफ स्वच्छ किया गया।
भूमि संसाधन विभाग ने ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता…
स्वच्छता ही सेवा पहल के अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने आज नई दिल्ली में स्कोप कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक सार्वजनिक पार्क में ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान के अंतर्गत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।
फार्मास्युटिकल्स विभाग ने ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत…
भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित राष्ट्रव्यापी स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया।
फार्मास्युटिकल विभाग के सचिव श्री मनोज जोशी ने वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर श्रमदान का नेतृत्व किया।
विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह और समर्पण के साथ सार्वजनिक स्थानों की सफाई में भाग लिया और इस अभियान में निहित सामूहिक कर्म की भावना को पुनः स्थापित किया।
आईसीएआर और एफसीआई ने अनाज के सुरक्षित एवं टिकाऊ भंडारण हेतु…
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने 30 सितंबर 2026 को गेहूं तथा चावल के भंडारण में लगने वाले कीटों के सुरक्षित एवं टिकाऊ प्रबंधन के लिए वैकल्पिक धूमन (फ्यूमिगेशन) तकनीकों पर शोध करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
दो-वर्षीय प्रथम चरण वाली परियोजना का कार्यान्वयन लुधियाना स्थित आईसीएआर–सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीएचईटी) द्वारा किया जाएगा।
दशकों से, भारत में अनाज के अहम भंडार में कटाई के बाद कीटों से बचाव के लिए मुख्य रूप से एल्युमीनियम फॉस्फाइड (एएलपी) और मैलाथियान का उपयोग किया जाता रहा है।