कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में वन एवं राजस्व विभाग की संयुक्त बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में वन एवं राजस्व से संबंधित विभिन्न लंबित प्रकरणों, वन अधिकार अधिनियम, वन भूमि तथा वन संरक्षण से जुड़े विषयों की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री टी.आर. विजयानंथम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अखिलेश कुमार जैन, अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय सहित संबंधित अध
बैठक में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अंतर्गत वन व्यवस्थापन प्रकरण (धारा 5 से 19) की समीक्षा की गई। जिसमें संरक्षित वन को आरक्षित वन घोषित करने एवं लंबित व्यवस्थापन प्रकरणों के निराकरण के संबंध में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया।
बैठक में पीथमपुर वनक्षेत्र को कार्ययोजना में सम्मिलित किए जाने के लिए संयुक्त स्थल निरीक्षण के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही बैठक में बताया गया कि अकोलिया घासबीड़ के संयुक्त सर्वे कर लिया गया है तथा जिले के शेष घासबीड़ों एवं वनक्षेत्रों का सर्वे किया जाना लंबित है। इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए प्राप्त गैर-वन भूमि से संबंधित आदेशों में संशोधन के संबंध में भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि कुक्षी माइको इरिगेशन परियोजना के अंतर्गत संशोधित आदेश कलेक्टर, जिला धार द्वारा जारी किया जा चुका है। किंतु संशोधित खसरों के रकबा भू अभिलेख पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में संबंधित को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान बाग में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 19 से 25 तक के तहत कार्यवाही किए जाने हेतु संबंधित विभाग को निर्देश किया। इसी के साथ ही वनग्राम को राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन की कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को वन अधिकार पत्रों से संबंधित नस्तियों के रिकॉर्ड ना मिलने पर संबंधित शाखा प्रभारी पर एफआईआर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए।
खनिज विभाग द्वारा उत्खनन के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्रों के संबंध में भी वन एवं खनिज विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली गई। इसके साथ ही लैंड बैंक की स्थापना के संबंध में भी चर्चा कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्रों के संबंध में समीक्षा कर वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) के अंतर्गत राजस्व वन भूमि, छोटे-बड़े झाड़ के जंगल से संबंधित कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में भी चर्चा हुई।
खरमोर अभयारण्य, सरदारपुर एवं डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, बाग में अधिकारों के विनिश्चयन के उपरांत अंतिम अधिसूचना जारी करने के लिए वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 19 से 26 तक की कार्यवाही के संबंध में भी समीक्षा की गई।बैठक में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मीना ने संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


