श्रवण एवं वाक् बाधित दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों, शासकीय योजनाओं एवं न्याय तक आसान पहुंच की जानकारी देने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन बड़वानी में राज्यव्यापी अनुगूंज से उद्घोष विशेष विधिक साक्षरता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 65 दिव्यांगजन एवं उनके परिजन शामिल हुए।

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ ऑनलाइन माध्यम से मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर की सदस्य सचिव सुश्री सुमन श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने श्रवण एवं वाक बाधित दिव्यांगजनों को उनके कानूनी अधिकारों, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन एवं अन्य महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में श्रवण एवं वाक् बाधित बच्चों के लिए रचनात्मक अवसर, उनकी रुचियों की पहचान, नृत्य एवं कला प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन तथा भविष्य की तैयारी से संबंधित विषयों पर भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही बच्चों के विरुद्ध हिंसा, दुर्व्यवहार एवं शोषण की रोकथाम, संभावित खतरों एवं संवेदनशील परिस्थितियों की पहचान तथा उनसे बचाव के उपायों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में माननीय मुख्य न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर एवं संरक्षक, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर श्री अल्पेश वाय. कोगजे द्वारा श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों के हित में विभिन्न कानूनी एवं अधिकार संबंधी जानकारी साझा की गई। इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के न्यायमूर्ति श्री विवेक अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया भी उपस्थित रहे।

एडीआर भवन, बड़वानी में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, श्री महेन्द्र कुमार जैन सचिव, श्री अमूल मण्डलोई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रॉबिन दयाल तथा सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित मूक-बधिर विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मण्डलोई ने अनुवादक के माध्यम से प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका तथा न्याय तक समान पहुंच के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी दी।