मामला यह था कि पति द्वारा प्रतिदिन शराब का सेवन करता था व पत्नी को घर खर्च के लिए पैसे नही देता था जिस कारण पति-पत्नी का विवाद लगातार बड़ता रहा। महिला द्वारा पति से परेशान होकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सेवा प्राधिकरण, में आवेदन दिया था। महिला का आवेदन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संज्ञान लेकर विधिक सहातया से पैनल अधिवक्ता सुश्री जया शर्मा नियुक्त किया गया।

पति की ओर से श्री अनुज कुमार जैन नियुक्त थे। प्रकरण न्यायिक मजि. प्रथम श्रेणी सुश्री राजश्री भार्गव के न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण न्यायालय में चल रहा था। मामले को दिनांक 12 सितम्बर 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में रखा।

लोक अदालत में दम्पति प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री महेन्द्र कुमार जैन समक्ष उपस्थित हुए जहाँ श्री जैन प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा पति को समझाईश दी कि नशे से पैसे, शरीर, परिवार, प्रतिष्ठा की हानि होती है।

अगर वे नशा नही छोड़ पा रहे है थे नशा मुक्ति सेंटर का सहारा ले सकते है व पत्नी को घर खर्च में सहयोग करे जिस पर पति द्वारा कहा गया कि वह नशा छोड़ने का पूरा प्रयास करेगा, घर खर्च हेतु पूर्ण सहयोग करेगा। पत्नी को भी समझाईश कि वह भी पति का सम्मान करे, प्रधान न्यायाधीश की समझाईश पर दोनो साथ में घर जाने को राजी हुए।

दोनो ने एक दूसरे को माला पहनाई, मिठाई खिलाई सुश्री राजश्री भार्गव एवं प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा दम्पति को पौधा भेंट किया। दोनो राजी खुशी अपने घर गये।