अनूपपुर जिले के हर्राटोला गांव की ममता चंद्रवंशी ने स्थानीय निर्माण कार्यों की जरूरत को अपनी आजीविका से जोड़ा है। भारती स्व-सहायता समूह की सदस्य ममता अब सेंटरिंग का काम करती हैं और इसके साथ लिफ्ट मशीन की सुविधा भी उपलब्ध कराती हैं।

नियमित काम की कमी से निकला नया रास्ता

ममता के अनुसार पहले आय के लिए नियमित काम नहीं मिल पाता था। गांव और आसपास मकान तथा अन्य निर्माण कार्यों में सेंटरिंग की जरूरत देखकर उन्होंने इसी गतिविधि को अपनाया।

खास बातें

  • भारती स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं ममता
  • स्थानीय निर्माण कार्यों के लिए करती हैं सेंटरिंग
  • काम में लिफ्ट मशीन की सुविधा भी की शामिल

अब सेंटरिंग से जुड़ा काम मिलने पर वह अपनी गतिविधि के माध्यम से उसे पूरा करती हैं। लिफ्ट मशीन उपलब्ध होने से निर्माण से जुड़े काम में भी सुविधा मिलती है।

गांव के आसपास मिला काम का अवसर

ममता स्वयं इस काम को संभालती हैं और जरूरत के अनुसार दूसरों का सहयोग भी लेती हैं। इससे उन्हें गांव के आसपास ही काम करने का अवसर मिला है और उनकी कमाई परिवार की आय में योगदान दे रही है।

समूह से मिला गतिविधि शुरू करने का अवसर

ममता के लिए स्व-सहायता समूह का जुड़ाव बचत और बैठकों से आगे बढ़कर आजीविका शुरू करने का अवसर बना। अपने स्तर पर काम करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आगे इस गतिविधि को अधिक व्यवस्थित ढंग से बढ़ाना चाहती हैं।